एक अंडकोष में दर्द क्यों हो रहा है?HealthPlanet

Posted on Thu 22nd Dec 2022 : 12:18

पुरुषों के अंडकोष (टेस्टिस) में दर्द के हो सकते हैं ये 10 कारण, यूरोलॉजिस्ट से जानें कैसे करें इसका इलाज

अंडकोष में दर्द होने के कई कारण होते हैं। यूरोलॉजिस्ट से जानिए आखिर क्यों होते हैं अंडकोष में दर्द, इससे कैसे पाएं निजात। क्या-क्या बरतें सावधानी।

पुरुषों के अंडकोष (टेस्टिस) में दर्द के कारण काफी परेशानी रहती है। इससे डेली रूटीन के काम करने में परेशानी होती है। सेक्स करने में दिक्कत आती है। परेशानी इतनी अधिक बढ़ जाती है कि लोग डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। इस आर्टिकल के जरिए में जमशेदपुर के साकची में डॉक्टर अरुण कुमार (यूरोलॉजिस्ट) से बात कर जानेंगे कि अंडकोष में दर्द के क्या-क्या कारण होते हैं। इसे कैसे ठीक किया जा सकता है। वहीं हम लोगों को किन-किन सावधानियों को बरतना चाहिए।
क्या होता है टेस्टिस
यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि अंडकोश की थैली (Scrotum) बाहर की तरफ झूली होती है। इसमें टेस्टिस होते हैं। यह एक नली के से कनेक्ट होती है। इसमें स्पर्म कलेक्ट होता है। इसके बाद सीमेन के जरिए बाहर निकलती है। यह सिर्फ शुक्राणु व सीमन का प्रोडक्शन नहीं करती है। बल्की इससे हार्मोन भी बनते हैं। जिसे टेस्टेस्टेरॉन कहते हैं। इससे पुरुषों में मर्दों जैसे गुण यानि दाढ़ी, भारी आवाज, मर्दाना शरीर आदि चीजें विकसित होती हैं।
पुरुषों के अंडकोष में इन कारणों से होता है दर्द


1. ट्रामा या किसी प्रकार का एक्सीडेंट होने के कारण
यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि टेक्टिस के ट्यूमर को ट्रामा कहते हैं। इसमें पैन नहीं होता है। लेकिन टेक्टिस को प्रभावित करती है। इस बीमारी का पता लगाने के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कर बीमारी के बारे में पता लगाते हैं। इसके अलावा हार्मोनिक लक्षण से भी इसका पता चलता है। इसका इलाज करने के लिए डॉक्टर ऑपरेशन करते हैं।

2. चोट लगने की वजह से अंडकोष में दर्द
एक्सपर्ट बताते हैं कि टेक्टिस शरीर का काफी संवेदनशील भाग होता है। अगर इसमें ज्यादा चोट लग जाए तो आदमी मौके पर ही मर सकता है। इसपर हल्का भी दबाव पड़ेगा तो इसमें दर्द होता है। ज्यादातर एथलीट या स्पोर्ट्समैन को चोट लगने का खतरा होता है। इसलिए वो हमेशा गार्ड लगाकर खेलते हैं। कभी-कभी पुरानी चोट का भी असर रहता है, जिससे यह रह-रहकर दर्द करता है।
3. टेस्टिकल कैंसर भी है बड़ी वजह

यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि अगर आपके अंडकोष में कोई गांठ या सूजन और दर्द हो रहा है तो तुरंत इसकी जांच कराएं। इससे हमेशा सतर्क रहने की हमें जरूरत है। कभी-कभी यह दर्द टेस्टिकल कैंसर का भी कारण बनती है। यह टेस्टिस से पूरे शरीर में फैल जाता है।


4. एपीडीडीमिस में सूजन होने से दर्द
एक्सपर्ट बताते हैं कि एक नली जो अंडकोष की पीछे होती है उसे हम अधिवृषण (Epididymis) कहते हैं। उसमें चोट लगने, संक्रमण होने, सेक्स से उत्पन्न होने वाले संक्रमण से इसमें जलन होती है। इसके कारण इसमें सूजन की समस्या आ जाती है। इस वजह से अंडकोष में दर्द होता है। शरीर में यदि आपको भी इस प्रकार के लक्षण दिखे तो डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए।


5. टॉर्चर टेस्टिस भी है दर्द की बड़ी वजह
यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि यह समस्या ज्यादातर युवाओं में होता है। इससे टेस्स्टि अपने जगह से घूम जाती है। एक प्रकार का रोटेशन करती है। इसके कारण इसकी ब्लड सप्लाई कम हो जाती है। इससे अंडकोष में असहनीय दर्द होता है। अगर आपमें ऐसी समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि इसकी सर्जरी तुरंत कराना बहुत ही जरूरी होता है। अगर समय पर इसका ऑपरेशन करा लें तो टेक्टिस को बचा सकते हैं। अगर सर्जरी में लेट करेंगे तो टेक्टिस काली पड़ कर खराब हो जाएगी।

6. अंडकोष की नलियां एपीडीडीमिस (Epididymis) में समस्या
अंडकोष में जो शुक्राणु को कलेक्ट करते हैं उसे एपीडीडीमिस कहते हैं। अंडकोष में दर्द का कारण इसमें इंफेक्शन हो जाना होता है। यह इंफेक्शन आपके यूरिन के कारण हो सकता है। इंफेक्शन पेनिस के जरिए भी होता है। इसके लिए लोगों को डॉक्टरी सलाह लेकर दवा का सेवन करना चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के दवा का सेवन करेंगे तो इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। इस कारण टेस्टिकल्स की नसों में दर्द और जलन होता है। कई बार इसमें चोट लग सकता है। 18 से 36 साल तक के लोगों को इस प्रकार की समस्या ज्यादातर होती है।


7. वैरिकोसील भी है बड़ा कारण, इससे भी टेस्टिस में होता है दर्द
एक्सपर्ट बताते हैं कि टेस्टिस में दर्द होने का बड़ा कारण वैरिकोसील भी है। टेस्टिस में ब्लड सप्लाई ऑर्काइटिस (Orchitis) के जरिए होती है। यह वीन्स (नसों) के जरिए फिर ब्लड में चला जाता है। वीन्स में वॉश होते हैं, वो अगर खराब हो जाते हैं तो ब्लड सामान्य रूप से से ऊपर नहीं जा पाता है और वो जमा हो जाता है। इससे पेन शुरू हो जाता है, इस वजह से अंडकोष छोटा भी होता है। जब चलते फिरते हैं तो अंडकोष में दर्द होता है। टेस्टिस की नसें बढ़ जाती हैं। उसमें सूजन आ जाती है। कभी-कभी आराम में रखने के लिए हम सपोर्टर का इस्तेमाल करते हैं। इससे अंडकोष बढ़ता नहीं है। अगर ऐसी समस्या आए तो तुरंत डॉक्टर से मिले, उनकी सलाह के अनुसार ही दवा का सेवन करें।
8. हर्निया बीमारी की वजह से टेस्टिस में दर्द

एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ केस में पेट की आंत कमजोर हो जाती है। इससे छोटी आंत के कुछ भाग नीचे की तरफ आ जाते हैं। इसके कारण अंडकोष में प्रेशर पड़ता है। इससे टेस्टिस में दर्द होता है। आंत का वजन हमेशा अंडकोष पर रहने के कारण हमेशा दर्द की समस्या रहती है। ज्यादा वजन वाला सामान जब हम उठाते हैं तो टेस्टिस में दर्द होता है। यदि शरीर में आपको इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे तो डॉक्टरी सलाह लेकर इलाज करवाना चाहिए।
9. हाइड्रोसील की वजह से टेस्टिस में दर्द

टेस्टिस के बाहर एक लेयर होता है। इसमें पानी भर जाता है। इसके कारण टेस्टिस झूल जाता है। पानी भरने के कारण टेस्टिस का आकार बढ़ जाता है। इसे हम हाइड्रोसील कहते हैं। अंडकोष में इससे दर्द होता है। कभी-कभी ज्यादा पानी भरने से अंडकोष फट भी जाता है, जिससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इसलिए टेस्टिस के बढ़ने के बाद तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। बीमारी को नजरअंदाज करना आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
10. ऑर्काइटिस (Orchitis) में इंफेक्शन होने से अंडकोष में दर्द

यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि ऑर्काइटिस (Orchitis) में इंफेक्शन होने की वजह से भी अंडकोष में दर्द होता है। टेस्टिस में कई लेयर होते हैं, इसलिए इसमें ज्यादातर इंफेक्शन की समस्या नहीं होती है। लेकिन कभी-कभी ब्लड के कारण इसमें इंफेक्शन हो जाता है। इंफेक्शन के कारण टेस्टिकल्स में जलन होती है। यह बैक्टीरियल या संक्रमण के कारण होता है। इससे जलन दोनों अंडकोष में हो सकता है। यह समस्या ज्यादातर 45 या उससे ज्यादा उम्र के लोगों में देखी जाती है। यदि आपको भी इस प्रकार के लक्षण दिखे तो डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।

डॉक्टरी सलाह लेना है काफी जरूरी

शरीर में अंडकोष काफी संवेदनशील बॉडी पार्ट होता है। अगर इसमें किसी तरह का दर्द, बीमारी या समस्या के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो हमें बिना देर किए डॉक्टर से मिलना चाहिए। डॉक्टरी सलाह लेने के बाद ही कुछ करना चाहिए। इसके अलावा यदि आप स्पोर्ट्स मैन हैं और आपको टेस्टिकल्स में दर्द हो रहा है तो ऐसे में आपको डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। बीमारी को नजरअंदाज किया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकती है।

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